समाचार लखनऊ। प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिषदीय विद्यालयों में 434 स्पेशल एजूकेटर्स (विशेष शिक्षकों) की भर्ती को स्वीकृति दे दी है। अब इन चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। इस निर्णय से परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अब उनकी जरूरत के अनुसार पढ़ाई में बेहतर सहयोग मिल सकेगा।अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बेसिक शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि नियुक्ति की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। इस भर्ती से पहले स्क्रीनिंग समिति ने 540 अभ्यर्थियों को पात्र माना था, जिनमें से 434 को अंतिम रूप से नियुक्ति के लिए चुना गया है।दरअसल, रजनीश कुमार पांडेय व अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सामान्य स्कूलों में भी दिव्यांग बच्चों के लिए प्रशिक्षित विशेष शिक्षक होना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी तय किया कि गंभीर दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए एक शिक्षक पर पांच छात्र (1:5) और अन्य मामलों में एक शिक्षक पर आठ छात्र (1:8) का अनुपात होना चाहिए।इन विशेष शिक्षकों के पास भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त डिग्री या डिप्लोमा होना अनिवार्य होगा। परिषदीय विद्यालयों में इन शिक्षकों की नियुक्ति से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और वे सामान्य बच्चों की तरह बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे।

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