क्राईम स्टोरी न्यूज़ देहरादून। उत्तराखंड मौसम विभाग की भविष्यवाणी एक बार फिर सटीक साबित हुई। विभाग की ओर से पूर्व में जारी भारी वर्षा और बर्फबारी के अलर्ट के बाद चकराता क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की दूसरी बर्फबारी दर्ज की गई बर्फबारी से जहां प्राकृतिक सौंदर्य निखर उठा, वहीं पर्यटन व्यवसाय, स्थानीय कारोबारी, किसान और बागवानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। सुबह से ही आसमान में काली घटाएं छाई रहीं और निचले
इलाकों में बीच-बीच में हल्की बारिश होती नज़र आई। वहीं दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और लोखंडी, कोटी-कानासर, देवबन, मोहिला टॉप, जाड़ी, बनियाना सहित जौनसार-बावर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया, जिससे सैलानियों को सर्दियों का असली आनंद मिल सका। स्थानीय निवासियों रोहन राणा, दिनेश चौहान, रमेश चौहान, सुरेश पंवार, कुंवर ने बताया कि इससे पहले 23 जनवरी को क्षेत्र में जोरदार बर्फबारी हुई थी। अब सीजन की दूसरी बर्फबारी होने से पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है।बर्फबारी का सबसे बड़ा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। होटल, होमस्टे, रिजॉर्ट और रेस्टोरेंट कारोबारियों के अनुसार पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बर्फ का दीदार करने के लिए दूर-दराज़ से सैलानी चकराता पहुंच रहे हैं, जिससे बाजारों में भी रौनक लौट आई है। किसानों और बागवानों के लिए भी यह बर्फबारी राहत लेकर आई है। क्षेत्र के काश्तकारों का कहना है कि समय पर हुई बर्फबारी से फसलों और बागवानी को अच्छा लाभ मिलेगा तथा जमीन में नमी बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने और हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में चकराता क्षेत्र एक बार फिर शीतकालीन पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता नजर आ रहा है।
