क्राईम स्टोरी न्यूज़ रुड़की। भगवानपुर के बनारसी गांव में संत रविदास जयंती के भंडारे के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने गांव की महिला और बुजुर्ग समेत 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया हुआ है इस मामले में एक पक्ष की ओर से आठ लोगों के खिलाफ हत्या आगजनी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से 18 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है गांव में बड़ी संख्या में पीएसी तैनात है वहीं अधिकतर लोग पुलिस के डर की वजह से अपने घरों को छोड़कर भाग गए हैं। बताते चलें कि रविवार को हुए इस बवाल में दो लोगों की जान चली गई है जबकि दो लोग अस्पताल में भर्ती है। भंडारा समाप्ति के बाद गांव के ही आनंद (27) उसका भाई विशाल (25), योगेंद्र घाघा (23), गगनदीप और जोनी निवासी बिनारसी शौच के लिए जंगल की तरफ जाने लगे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग वहां पर आए और इनके बीच किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते दूसरे पक्ष की तरफ से करीब 30 से 35 लोग अवैध हथियार लेकर मौके पर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पेट के पास गोली लगने से आनंद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गोली लगने से उसका भाई विशाल, चेहरे के पास छर्रे लगने से योगेंद्र और पैर में गोली लगने से गगनदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमलावरों ने जोनी के सिर पर तमंचे की बट से हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद आरोपित वहां से हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घटना से आक्रोशित भीड़ ने मुख्य आरोपित के मकान में आग लगा दी थी, जिसमें दो बाइक समेत घर का सारा सामान जल गया था। सात घरों में जमकर तोड़फोड़ की गई थी, परिवार के लोग वहां से जान बचाकर भागे थे। मामले की पुलिस गहनता से जांच करने में लगी हैं।
