क्राईम स्टोरी न्यूज़ नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के एक सिविल जज के खिलाफ ट्रेन में पेशाब करने और दुर्व्यवहार करने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि यह एक ‘घिनौना आचरण’ है। न्यायालय ने हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जज का व्यवहार ‘चौंकाने वाला’ है। 2018 में इंदौर से जबलपुर की ट्रेन यात्रा के दौरान सिविल जज ने शराब पीकर हंगामा किया, सह-यात्रियों और रेलवे स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया, और एक महिला यात्री की सीट पर पेशाब किया था। इसके बाद जज को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन मई 2025 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी बर्खास्तगी को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि हम समझ नहीं पा रहे हैं कि हाईकोर्ट ने ऐसा फैसला कैसे दिया… एक न्यायिक अधिकारी का ऐसा घिनौना आचरण। आपने सभी गवाहों को अपने पक्ष में कर लिया। यह एक चौंकाने वाला मामला है। जबकि कंपार्टमेंट में पेशाब के दौरान वहां एक महिला भी थी।
