क्राईम स्टोरी न्यूज़ रुड़की। इस बार भैया दूज पर आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इससे भाइयों को दीर्घायु मिलने के साथ ही बहनों के लिए भी शुभ रहेगा। वहीं गुरुवार को भैया दूज का पर्व मनाने के लिए दोपहर एक बजकर 15 मिनट से लेकर तीन बजकर 30 मिनट के मध्य का मुहूर्त विशेष शुभ रहेगा। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की परिसर स्थित श्री सरस्वती मंदिर के आचार्य राकेश कुमार शुक्ल ने बताया कि यह पर्व यमराज और उनकी बहन यमुना से संबंधित है। वैसे तो इस पर्व के पीछे कई पौराणिक मान्यताएं हैं। जिनमें यमराज की कथा सबसे प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि यम की बहन यमुना अपने भाई को घर बुलाने के लिए आग्रह करती थी। लेकिन समय अभाव के कारण यमराज नहीं जा पाते थे। एक दिन यमराज अपनी बहन के घर पहुंचे तो बहन यमुना ने उनका आदर सत्कार करके उनका तिलक किया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने बहन यमुना को वरदान दिया कि आज के दिन जो भी भाई बहन के घर जाकर उससे तिलक करवाएगा उसे दीर्घायु की प्राप्ति होगी और यम की पीड़ा नहीं सताएगी। इसीलिए भाई दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।

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