क्राईम स्टोरी न्यूज़ रुड़की मानसिंह। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज, धनौरी पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के बीच एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए उनका मार्गदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर उनके सवालों के जवाब दिए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, राजनीति विज्ञान विभाग एवं सांस्कृतिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में प्रशासनिक सेवाओं के प्रति छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य निर्धारित करने के बाद उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी और निरंतर प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि अधिक पढ़ाई करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है पढ़ाई में एकाग्रता और सही दिशा में प्रयास करना। जिलाधिकारी ने युवाओं से मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने की अपील करते हुए कहा कि आज के समय में अधिकांश युवा अपना कीमती समय मोबाइल के साथ व्यर्थ कर रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने नशे से दूर रहने और सकारात्मक संगति अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है जो समय की बर्बादी करते हैं या गलत दिशा में ले जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे।इससे पूर्व महाविद्यालय पहुंचने पर प्रबंध समिति की ओर से डॉ. आदित्य सैनी, प्राचार्य डॉ. मुनेंद्र सिंह, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों ने जिलाधिकारी का स्वागत किया। जिलाधिकारी ने महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. तेजवीर सिंह सैनी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. हर्ष सैनी द्वारा की गई।
