क्राईम स्टोरी न्यूज़ हरिद्वार, मानसिंह। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा०शि०) अमित कुमार चन्द ने बताया कि प्रधानाध्यापिका राजकीय प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर, बहादराबाद के सम्बंध में मीडिया में प्रसारित समाचार से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि उनके द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों से मध्याहन् भोजन योजना के लिए लकड़ियाँ ढुलाई का कार्य कराया गया, जिसका

जिलाधिकारी द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया है,इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापिका द्वारा छात्रों से लकड़ी ढुलाई का कार्य कराया गया है जो कि बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 (संशोधित 2016) धारा 3 के प्रतिकूल, निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 धारा-17 के विरूद्ध बच्चो के साथ शारीरिक दण्ड / मानसिक उत्पीडन किया जाना तथा बाल सुरक्षा, संरक्षण एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण सम्बन्धी मानको का उल्लंघन है तथा उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 2002 के नियम-3 में उल्लिखित राजकीय सेवक के अपेक्षित आचरण के विपरीत है। उक्त कृत्य गंभीर कदाचार, छात्रहित की उपेक्षा, बाल संरक्षण मानकों के उल्लंघन, शासकीय सेवक के अपेक्षित आचरण के प्रतिकूल प्रथम दृष्टया परिलक्षित होता है तथा प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराये जाने हेतु संबंधित प्रधानाध्यापिका का पद पर बने रहना न्यायोचित नहीं है, तथा प्रधानाध्यापिका, राजकीय प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर, बहादराबाद, हरिद्वार को उत्तराखण्ड सरकारी सेवक नियमावली, 2003 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। उन्होंने अवगत कराया है कि उक्त अनियमितताओं के सम्बन्ध में आरोप पत्र पृथक से निर्गत किया जायेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत प्रधानाध्यापिका राजकीय प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर निलंबन की अवधि में कार्यालय उप शिक्षा अधिकारी, बहादराबाद में उपस्थिति देंगे।

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