क्राईम स्टोरी न्यूज़ नई दिल्ली। यमुना का जलस्तर नीचे जाने के बाद भी नदी किनारे रहने वाले लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन निचले इलाकों में अब गाद-गंदगी और दुर्गंध से लोग जंग लड रहे है। हालत यह है कि लोगों के घरों और गलियों में अब भी दो से तीन फीट तक कीचड़ और गाद जमा है। इसे हटाने के लिए पूरा परिवार काम-धंधा सब छोड़कर दिनभर गाद निकालने में लगा रहता है। जिन परिवारों में एक ही व्यक्ति कमाई करने वाला है, उसके लिए यमुना की गाद बड़ी चुनौती बन गई है। कुल मिलाकर अभी इन लोगों की जिंदगी बिल्कुल अस्त-व्यस्त है। इसे पटरी पर लौटने में समय लगेगा। यमुना बाजार, सिग्नेचर ब्रिज के नीचे और राजघाट रोड पर स्थिति बेहद चिंताजनक स्थिति है। बुधवार को यमुना बाजार के घाट नंबर-24 और उससे लगी गली से स्थानीय लोग कीचड़ हटाने का प्रयास करते दिखे। इस दौरान सांप भी निकल रहे थे। लोगों का कहना है कि प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। कीचड़ और गाद हटाते समय इसमें से जहरीले सांप और कीड़े-मकोड़े निकलते हैं, जो उनको काट सकते हैं। इसलिए उनकी मांग है कि सरकार इसे मशीन से साफ करवाए। निचले इलाकों में मच्छरों का प्रकोप भी बहुत बढ़ गया है। इसलिए लोग चाहते हैं कि प्रशासन यहां फागिंग करवाए।

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